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शिवकल्याण राजा

ये हवा ये रात ये चांदनी, 'तेरी इक अदा पे निसार हैं

वो मेरी तरफ यूं चले आं रहे हैं, के अरमान धडकन से टकरा रहें हैं

जो वादा रहा वो निभाना पडेगा..